शाहाबाद/हरदोई। पैसे की चाहत आदमी पर इस कदर हाबी हो गई है कि अब आदमी जनजीवन से भी खिलवाड़ करने से बाज नहीं आ रहा हैं। यहां के कुछ आइसक्रीम विक्रेता गर्मी और तपन का फायदा उठाकर केमिकल युक्त आइसक्रीम की बिक्री धड़ल्ले के साथ कर रहे हैं। जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है और खासकर बच्चे आइसक्रीम खाकर बीमार हो रहे हैं।
मंडी नवीन मंडी स्थल के सामने एक आइसक्रीम विक्रेता धड़ल्ले से केमिकल, सकरीन और पाउडर से आइसक्रीम का निर्माण करके बाजार में बेंच रहा है। जिससे लोग बीमारी का शिकार हो रहे हैं। नवीन मंडल स्थल के सामने एक कारखाना स्थित है। इस कारखाने में यम यम ब्रांड के नाम से आइसक्रीम बनाई जा रही है। शहर से लेकर गांव-गांव यह ब्रांड बेचा जा रहा है। इस आइसक्रीम का निर्माण लाल कलर, सकरीन, साटरी और सस्ता दूध पाउडर नोवा से किया जा रहा है।
आइसक्रीम के निर्माण में प्रयोग की जाने वाली यह सारी सामग्री हानिकारक है और जानलेवा भी। लाल कलर और सकरीन तो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक मानी जाती है ऊपर से सस्ते किस्म का दूध पाउडर नोवा भी नुकसान देह है। लेकिन अधिकारियों की मिली भगत के चलते मौत के सौदागरों का यह गोरख धंधा खूब फल फूल रहा है। सुबह से लेकर शाम तक इस आइसक्रीम फैक्ट्री में आइसक्रीम का निर्माण किया जाता है। फिर गांव गांव, गली गली बिक्री किया जाता है।
इसका सेवन करने के बाद महिलाएं, पुरुष और बड़ी संख्या में बच्चे बीमारी का शिकार हो रहे हैं लेकिन अधिकारियों के पास इन आइसक्रीम निर्माताओं के यहां औचक छापेमारी करके इनकी निर्माण सामग्री की जांच करने का समय नहीं है। इस वक्त आधा दर्जन से अधिक आइसक्रीम फैक्ट्रियां शाहाबाद नगर क्षेत्र में चल रही हैं।
लेकिन यम यम ब्रांड का निर्माता अत्यधिक घटिया सामग्री से आइसक्रीम का निर्माण कर रहा है। जिसने अधिकारियों से सांठ गांठ कर रखी है। आइसक्रीम का सेवन करने से लोग बीमार हो रहे हैं खासकर बच्चे बीमारी का काफी शिकार हो रहे हैं।
क्या कह रहे हैं जिम्मेदार ?
खाद्य निरीक्षक खुशीराम का कहना समय-समय पर आइसक्रीम फैक्ट्रियों पर औचक छापेमारी करके सैंपलिंग की कार्रवाई की जाती है। चुनाव में व्यस्तता होने की वजह से थोड़ा विलंब हुआ है फिर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट- राम प्रकाश राठौर